Repo Rate: आरबीआई ने दिया झटका| जनता के जेब पे लगा फटका | ईएमआई लोन पे 0.5% का लगा चुना| रेपो दर 5.40 से बढ़ाकर 5.90 किया |

 आरबीआई ने रेपो रेट को 50 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 5.9% कर दिया है। रेपो रेट बढ़ने से सारे लोन महंगे हो जाएंगे।रेपो रेट में हुई बढ़ोतरी का असर आम लोगों की जब पर पड़ेगा. बैंक होम (Home Loan) लोन से लेकर कार लोन तक महंगे कर देंगे और लोगों की EMI बढ़ जाएगी. दरअसल रेपो रेट वो दर होती है जिस पर आरबीआई दूसरे बैंकों को कर्ज मुहैया कराती है। इसके विपरीत रिवर्स रेपो रेट उस ब्याज दर को कहते हैं जो आरबीआई के पास पैसा रखने पर केंद्रीय बैंक बैंको को देती है।

Rbi Repo Rate Detail

विस्तार

RBI Repo Rate: आरबीआई गवर्नर (RBI Lead representative) ने तीन दिनों (28 सितंबर से 30 सितंबर) तक चली एमपीसी की बैठक के बाद रेपो रेट को बढ़ाने का एलान किया है। आरबीआई ने रेपो रेट में 0.50% बढ़ोतरी का एलान किया है। अब आरबीआई की रेपो रेट 5.4% से बढ़कर 5.9% हो गई है। इससे पहले आरबीआई ने अगस्त में रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की थी। मई महीने में भी हुई एमपीसी की बैठक में रेपो रेट को 50 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 4.90% कर दिया गया था।

कितनी बढ़ जाएगी EMI?

मान लीजिए मनोज नाम के किसी व्यक्ति ने छह महीने पहले 6.5% की दर पर बैंक से दस लाख रुपये का लोन 10 वर्ष के लिए लिया था। उसके लोन की ईएमआई उस समय 11,355 रुपये थी। उस समय से अब तक रेपो रेट में 150 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हो गई है। इसका मतलब यह हुआ कि बैंक ने उस वक्त जो लोन 6.5% की ब्याज दर पर लिया था उसपर वह कम से कम 1.5% या उससे अधिक चार्ज करेगा। अगर बैंक सबसे कम 1.5% ही अतिरिक्त ब्याज चार्ज करता है तो अब उपरोक्त लोन की ब्याज दर 6.5% से बढ़कर 8 प्रतिशत हो जाएगी। इस तरह मनोज के लोन पर अब नई ईएमआई 8% के ब्याज दर के हिसाब से 12,133 रुपये प्रति महीने हो जाएगी। ऐसे में मनोज को अब बीते मई महीने की तुलना में अपने लोन पर 778 रुपये अधिक चुकाना पड़ेगा।

RBI के लक्ष्य से ऊपर महंगाई

बात करें देश में महंगाई की, तो Retail Expansion लगतार आठवें महीने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तय लक्ष्य सीमा से ऊपर बनी हुई है. बीते दिनों जारी किए गए खुदरा महंगाई के आंकड़ों को देखें तो अगस्त में यह एक बार फिर से 7 फीसदी पर पहुंच गई है. इससे पहले जुलाई महीने में खुदरा महंगाई में कमी दर्ज की गई थी और यह 6.71 फीसदी पर आ गई थी.
वहीं जून में यह 7.01 फीसदी, मई में 7.04 फीसदी और अप्रैल में 7.79 फीसदी रही थी. सरकार ने महंगाई दर को दो से 6 फीसदी के दायरे में रखने का लक्ष्य निर्धारित किया है, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी महंगाई इससे ऊपर बनी हुई है.


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